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कोरोना

कोरोना

आई है समस्या देश मे,
 राजा भिड़ा है इस परिवेश में,
 प्रयास कर रहा बचाने देश को,
वाह रे जनता तू कब सुधरेगा,
 छोड़ स्वार्थ तू भी दे योगदान देश को।।



कोरोना महामारी आयी हैं देश में,
 राजा भिड़ा है इस परिवेश में,
किया लॉक डाउन महामारी से बचाने देश को,
अकेला क्या करे जब घर में, 
तोड़ने वाले बैठे हो देश को,
आपातकाल स्थिति  में भी,
 राजनीति के कुछ नुमाइंदे निजी स्वार्थ में,
    धकेल दिया कोरोना के मुँह में देश को।।




सामने आया  लोगों की सोच देश का,
सोच के  दिल घबराता है क्या होगा देश का,
कल तक था सब ठीक  लॉक डाउन की घोषणा क्या हुई,
  राशन,पैसा,और छत गायब हो गई देश का।।




बोलती जनता राजा से, काम कर दिया बन्द  दे अब खाने को,
 पूछता हूँ 12रो महीने काम कर अपना घर तू चलाता है,
काम कर आता है आधी रोजी का मदिरा पी जाता है,
 आज ऐसा क्या हुआ जो 1 दिन में सब खाली हो गया, 
खाने को 1 दाना न बचा क्या तू कुछ नई लगता देश का।।




देश में आयी है समस्या सबको मिलकर लड़ना है,
देश की समस्या हर व्यक्ति की समस्या है,
 जिस दिन समझ जाओगे इस बात को,
हर समस्या का समाधान मिल जाएगा देश को,
राजा ने किसके लिये किया ये लॉक डाउन है,
तुझे ही बचाने के लिए उसने ये कदम उठाया है,
  और आज तूने ही उस पर सवाल उठाया है।।




राजा ईमानदार है जो बचाना चाहता देश को
राजनीति के कुछ नुमाइंदें है जो डुबाना चाहते देश को,
कर रहा हर संभव कोशिश बचाने देश को,
एक एक कि समस्या है , समस्या देश का,
ये सोच ले आओ और साथ दो देश का,
फिर दोबारा न मिलेगा ऐसा राजा देश को
अभी भी वक़्त है समझ जाओ और बचा लो देश को।। 

  नागेन्द्र देवांगन

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